भारत में पर्सनल फाइनेंस: प्लान, बचत और इंवेस्टमेंट कैसे करें?

April 20, 2022
भारत में पर्सनल फाइनेंस: प्लान, बचत और इंवेस्टमेंट कैसे करें?

फाइनेंशियल मैनेजमेंट का प्राथमिक उद्देश्य क्या है? जितना हो सके उतना पैसा कमाना, है ना?

हमें अपने पर्सनल फाइनेंशियल लक्ष्यों को पाने के लिए भी इसकी ज़रूरत होती है। जैसे, भविष्य के लिए पैसा अलग रखना, शिक्षा, प्रोपर्टी खरीदना, विदेश यात्रा करना, या रिटायरमेंट के लिए प्लान बनाना।

फाइनेंशियल प्लानिंग एक सतत बदलाव वाली प्रक्रिया है। यह प्रत्येक चरण में निरंतर मॉनिटरिंग और मूल्यांकन की मांग करती है। साथ ही, आपको जरूरत के समय में कम पैसे के जोखिम और संकट पर फायदा भी देती है।

पैसे खर्च करने और इनवेस्टमेंट करने की एक उपयुक्त प्लानिंग करने के लिए सावधानीपूर्वक योजना बनाने की ज़रूरत होती है।

इसके लिए अन्य बातों के अलावा प्रभावी सोच, रीसर्च और अपना बजट बनाने की ज़रूरत होती है।

आपको पता होना चाहिए कि भारत में सफल और फाइनेंशियल रूप से सुरक्षित भविष्य के लिए फाइनेंशियल मैनेजमेंट ज़रूरी है।

यदि आप फाइनेंशियल स्थिरता और मज़बूती चाहते हैं, तो अपने पैसे को ख़र्च, इंवेस्टमेंट और इस्तेमाल करने का प्लान बनाना बहुत ज़रुरी है।

अपने पर्सनल फाइनेंस की प्लानिंग क्यों करें और इसके पीछे क्या उद्देश्य है?

यह जरूरी क्यों है? अगर आपको लगता है कि फाइनेंशियल प्लानिंग सिर्फ अमीरों और धनवान लोगों के लिए है, तो आप गलत हैं।

एक अच्छा फाइनेंशियल प्लान बनाने के लिए आपका अमीर होना जरूरी नहीं है। इसके बजाय, आप अपना प्लान शुरू करने के समय की तुलना में संभवतः अभी ज़्यादा धनी होंगे।

इसलिए, चाहे आप मंथली अलाउंस लेने वाले कॉलेज के एक छात्र हों या एक कर्मचारी, एक अकेले व्यक्ति, या यहां तक ​​कि थोड़ी संपत्ति वाले एक हाउसकीपर हों - आपको फाइनेंशियल प्लानिंग की आवश्यकता है।

यदि आप अभी भी आश्वस्त नहीं हैं, तो यहां कुछ ऐसे विकल्प दिए गए हैं जो आपको फाइनेंशियल मैनेजमेंट करने में वास्तव में मदद करते हैं:

1. इनकम (आय) मैनेजमेंट

2. पूंजी

3. बेहतर कैश फ्लो

4. इंवेस्टमेंट 

5. पारिवारिक सुरक्षा

6. मूल्यवान ज्ञान

7. इमर्जेंसी स्थिति के लिए बचत

8. जारी सहायता

फाइनेंशियल मैनेजमेंट के अंतर्गत इनकी प्लानिंग करना और उन्हें प्राथमिकता देना फाइनेंशियल मैनेजमेंट  में पहला कदम प्लानिंग (योजना) है। आपको इसके अंतर्गत कुछ विकल्पों पर ध्यान देना चाहिए और उन्हें प्राथमिकता देनी चाहिए:

1. अपने फाइनेंशियल लक्ष्य निर्धारित करें

भविष्य में अपनी फाइनेंशियल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग टर्म फाइनेंशियल उद्देश्यों को निर्धारित करना, महत्वपूर्ण है।

यह न केवल आपको अपने पैसे और आपके भविष्य के जीवन के लिए जिम्मेदार बनाता है, बल्कि यह आपको अपने धन को सर्वोत्तम तरीके से मैनेज करने की एक बड़ी समझ भी प्रदान करता है ताकि आप अपने निर्धारित लक्ष्यों को समय से पहले प्राप्त कर सकें।

यदि आपके पास कोई लक्ष्य नहीं है, तो आपका बजट अधिक हो जाने की संभावना होती है। इसलिए जब आपको वास्तव में धन की आवश्यकता हो तो अपने बजट से बाहर निकलने से बचने के लिए पहला कदम अपनी फाइनेंशियल स्थिति के आधार पर उचित लक्ष्य निर्धारित करना है।

2. आपकी फाइनेंशियल स्थिति

एक बार जब आप अपने शॉर्ट-टर्म, मिड-टर्म और लॉन्ग टर्म लक्ष्यों को निर्धारित कर लेते हैं, तो आप यह जानने में सक्षम होंगे कि आप फाइनेंशियल रूप से कितने मज़बूत हैं।

इन दिनों डाउनलोड करने के लिए कई सॉफ्टवेयर विकल्प उपलब्ध हैं जो आपको आपका फाइनेंशियल डेटा अपलोड करने और यह समझने में सहायता करते हैं कि आप फाइनेंशियल रूप से कितने मज़बूत हैं; इसके अलावा, आप अपनी वर्तमान स्थिति का पता लगाने में सहायता के लिए किसी एक्सपर्ट की सहायता ले सकते हैं।

3. टैक्स प्लानिंग

टैक्सेशन एक महत्वपूर्ण फाइनेंशियल प्लानिंग मुद्दा है। जब तक इंवेस्टर अपनी टैक्स देनदारियों का प्रबंधन नहीं करता है तब तक कोई फाइनेंशियल प्लानिंग नहीं हो सकती है।

जब आप अपने टैक्स के लिए प्लान बना रहे हों तो आपको अपने फाइनेंसिज़ पर रिसर्च करनी होगी और उन्हें कर-कुशल दृष्टिकोण से देखना होगा।

भारतीय लोगों को फाइनेंशियल हेल्थ के आधार पर अलग-अलग कर छूट और लाभ की अनुमति मिलती है।

जब आप अपने खर्चों और अपने इंवेस्टमेंट को बेहतर तरीके से प्रबंधित करते हैं, तो आप अपनी कर जिम्मेदारियों में कटौती करके बहुत सारा पैसा बचा सकते हैं।

4. आपकी रिटायरमेंट स्ट्रैटजी

अभी से अपने रिटायरमेंट की प्लानिंग करना आपको बहुत जल्दी लग सकता है, लेकिन आप 100% सुनिश्चित नहीं हो सकते हैं कि आपकी फाइनेंशियल स्थिति कुछ साल या एक दशक बाद भी वही रहेगी जैसी अभी है।

हालांकि, जब फाइनेंशियल और रिटायरमेंट प्लान की बात आती है तो आपको इसके लिए पहले से तैयार होना चाहिए।

एक फंड को कई जगह लगाना आपको और आपके परिवार को वित्तीय सुरक्षा और मानसिक शांति देगा।

पेंशन प्लानिंग का पहला चरण अपनी रिटायरमेंट की अपेक्षित आयु निर्धारित करना है, इसके बाद यह निर्धारित करना है कि आप अपना पैसा कैसे और कहाँ बचाना चाहते हैं।

यदि आपने इसके बारे में इतना नहीं सोचा है, तो आपको इसके बारे में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। जल्दी शुरू करना बेहतर है लेकिन इस काम के लिए कभी भी देर न करें ।

5. संचित करने का लक्ष्य

इनवेस्टमेंट प्लानिंग को आपके सभी सरल संसाधनों के साथ आपके भविष्य के फाइनेंशियल लक्ष्यों और उद्देश्यों को साथ लाने के लिए पहचाना जाता है।

स्मार्ट इनवेस्टमेंट हमारे पैसे को बढ़ाता है और जीवन स्तर को ऊपर उठाकर हमारा भविष्य सुनिश्चित कर सकता है।

यह आय, खर्च, डेट और टैक्स दायित्वों आदि को संभालने के लिए एक बेहतरीन नज़रिया भी प्रदान करता है।

इवेस्टमेंट प्लानिंग करने के लिए, एक अच्छा फाइनेंशियल प्लान होने की आवश्यकता होती है, इसकी शुरुआत फाइनेंशियल लक्ष्यों को स्थापित करने और उनके अनुसार ढलने से होती है।

विवाह, शिक्षा, परिवार, वैकेशन या इमर्जेंसी स्थिति जैसे प्रत्येक उद्देश्य के लिए एक नए फाइनेंशियल प्लान की आवश्यकता होती है।

अपने पैसे की बचत

इसमें दूसरा भाग है अपने पैसे की बचत। बचत शुरू करने का सबसे शानदार तरीका है इसे अपने जीवन में एक आदत के रूप में शामिल करना। यहां आपके लिए कुछ और सुझाव दिए गए हैं:

1. जितना आप कमाते हैं उससे कम खर्च करें

आप कम या ज़्यादा जितना भी कमाते हैं पर उससे अधिक खर्च करते हैं तो आपके लिए आगे बढ़ना मुश्किल हो सकता है।

अपने आप को नियंत्रित करना सीखें और जो आपके पास पहले से है उसका आनंद लें। आप खर्चों को जल्दी कम करके बहुत सारा पैसा बचा सकते हैं।

2. अपने खर्चों को बेहतर ढंग से ट्रैक करने के लिए एक बजट बनाएं

फ्री बजट प्रोग्राम बनाने में आपकी मदद करने के लिए ढेर सारे ऑनलाइन टूल और मोबाइल ऐप उपलब्ध हैं।

आपके सभी खातों से आपके आने और जाने वाले पैसे के ट्रांसेक्शंस के बारे में सभी जानकारी आपके बजट में शामिल की जानी चाहिए।

ऐसे कई टूल और सॉफ़्टवेयर हैं जो आपको अपने खर्च को वर्गीकृत करने और यह निर्धारित करने की अनुमति देते हैं कि आपको खर्चों में कहां कटौती करने की आवश्यकता है।

यदि आपके पास कोई बजट प्लान नहीं है तो यह पता लगाना मुश्किल हो सकता है कि आपका पैसा कहां जा रहा है और इसे कैसे वापस लाया जाए।

3. 50/30/20 नियम

यदि आपको बजट बनाने और बचत करने में कठिनाई होती है, तो 50/30/20 नियमों को अपनाने पर विचार करें। इसका उद्देश्य आपके लाभ को निर्धारित करना है:

1. भोजन, हाउसिंग, सार्वजनिक सेवाओं और हेल्थ इंश्योरेंस जैसी जरूरतों पर 50%।

2. भोजन, शॉपिंग और हॉबीज़ जैसी इच्छाओं पर 30%।

3. आपकी आय जैसे इमरजेंसी फंड, कॉलेज फंड या पेंशन स्कीम का 20%  बचत में जाना चाहिए।

4. कर्ज से बचें

हम सभी तेजी से बढ़ते वातावरण में उच्च गुणवत्ता वाले जीवन को अपनाने की कोशिश करते हैं जिसमें सोशल मीडिया जीवन के विकल्पों को कंट्रोल करता है।

हम सबसे महंगे कपड़े और ज्वैलरी पहनते हैं, फाइव स्टार रेस्तरां में खाते हैं, सबसे अच्छे होटलों में ठहरते हैं, कार से लेकर SUV में यात्रा करते हैं, और अपने डिवाइसेज़ में नए अपडेशन करते रहते हैं।

कभी-कभी, जो लोग ऐसी जीवन शैली का खर्च वहन नहीं कर सकते, वे भी अक्सर "इसमें फिट होना" चाहते हैं। इससे किसी रूप में कर हमारे जीवन में प्रवेश करने में सक्षम हो जाता है।

जितना हो सके अपने कर को मैनेज करें, लेकिन यदि आप अंत में कर्ज के जाल में फंस जाते हैं, तो निश्चिंत रहें क्योंकि फाइनेंशियल सलाहकार या डेट स्पेशलिस्ट द्वारा आपको बहुत कम नुकसान पर आसानी से इस कर से बाहर निकलने में सहायता मिलेगी। .

5. इनवेस्टमेंट और अपने फाइनेंशियल पोर्टफोलियो का निर्माण

फाइनेंशियल इंडस्ट्री की वर्तमान स्थिति के अनुसार आज एक इंवेस्टर की सफलता की भविष्यवाणी करने के लिए एक अच्छी तरह बनाया रखा गया वित्तीय पोर्टफोलियो महत्वपूर्ण है।

लक्ष्यों को प्राप्त करने और जोखिम सहनशक्ति बढ़ाने के इच्छुक किसी भी इंवेस्टर को यह गारंटी देनी चाहिए कि उसका पोर्टफोलियो अपनी भविष्य की पूंजी आवश्यकताओं को पूरा करता है।

अपनी इनवेस्टमेंट स्ट्रेटजी के अनुरूप अपने फाइनेंशियल पोर्टफोलियो का निर्माण करने से आपके इंवेस्टमेंट को निरंतर बढ़ने में एक व्यवस्थित दृष्टिकोण मिलता है।

भारत अब विभिन्न प्रकार के इंवेस्टमेंट अवसरों की एक विस्तृत श्रृंखला के साथ फाइनेंशियल गतिविधियों का एक गढ़ बन गया है। आप बस घर पर कैश रख सकते हैं या इनमें इनवेस्टमेंट करना चुन सकते हैं:

  • म्यूचुअल फंड
  • इंश्योरेंस प्लान
  • इक्विटी और स्टॉक
  • अचल संपत्ति जैसे प्रॉपर्टी/संपत्ति, भूमि,  इक्विपमेंट, आदि।
  • फिक्स्ड डिपॉज़िट, पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) और स्मॉल सेविंग अकाउंट
  • कमोडिटीज
  • डिजिटल गोल्ड

आपको इनमें से प्रत्येक में उपयुक्तता, इंवेस्टमेंट की कीमत, शामिल जोखिम और रिटर्न क्षमता जैसे मापदंडों पर विचार करना चाहिए। इंवेस्टमेंट संबंधी निर्णय लेते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:

  • पूरी तरह से अध्ययन करने के बाद, ध्यान से इंवेस्टमेंट का चयन करें
  • कम समय में बड़े मुनाफे का वादा करने वाले क्विक-मनी स्कैम्स के झांसे में न आएं
  • समय-समय पर अपने स्टॉक और म्यूचुअल फंड होल्डिंग्स को रिव्यू करें
  • आपके द्वारा जेनरेट इनवेस्टमेंट रिटर्न के कर अनुमानों पर विचार करें
  • चीजों को सरल रखें और जटिल इनवेस्टमेंट से दूर रहें जिनसे आप अपरिचित हैं

संक्षेप में, किसी व्यक्ति के लिए अपनी आय और इनवेस्टमेंट को समझने, हिसाब लगाने और सावधानीपूर्वक मैनेजमेंट करने के लिए फाइनेंशियल प्लानिंग ही एकमात्र तरीका है।

यह आपको आराम से जीने और अपने परिवार वालों को एक अच्छा जीवन स्तर प्रदान करने में सक्षम बनाएगा, जिससे वे अपने स्वयं के चिंता मुक्त रिटायरमेंट के लिए ध्यान से बचत करते हुए जीवन में बेहतर चीजों का आनंद ले सकेंगे।