7 फाइनेंशियल टिप्स जिन्हें हम 21 की उम्र में जानना चाहते हैं - जार एप

December 16, 2022
 7 फाइनेंशियल टिप्स जिन्हें हम 21 की उम्र में जानना चाहते हैं - जार एप

क्या आप जानते हैं कि बजट बनाकर, अपना खाना पकाकर या सही डील ढूंढ़कर आप कितना पैसा बचा सकते हैं? आइये पता लगाते हैं। जब आप 21 वर्ष के होते हैं या आपके 20 वें वर्ष की शुरुआत में जब आप 'अडल्ट' होना शुरू होते हैं, तो आपके पास समय तो होता है लेकिन पैसा नहीं होता है, है ना?

आप पर ज़िम्मेदारियां आने लगती हैं, फिर भी, आपके पास घूमने फिरने का वक़्त होता है, यह तय करने का वक़्त होता कि आपके लिए क्या महत्वपूर्ण है, कैसा जीवन साथी चुनना है (या नहीं), या फिर कहां रहना है।

यदि आप इस उम्र में हेल्दी फाइनेंशियल आदतें अपनाते हैं तो आप बहुत कम उम्र से अपने फाइनेंस का जिम्मा उठा सकते हैं। हम पर विश्वास करें, यह आपकी सोच से बहुत आसान है!

ये शुरुआती वर्ष आपकी नींव हैं और यदि आप अभी फाइनेंशियल स्किल्स में महारत हासिल करते हैं, तो आप ख़ुदको 30, 40, 50 और उससे आगे की उम्र में धन्यवाद कहेंगे। ‍

आपके पैसे को बढ़ने में बहुत समय लगेगा, लेकिन यदि आप इसे अभी से बचाना शुरू करते हैं, तो आपके रिटायर होने तक यह रकम भी बड़ी होगी।

यदि आपने अपने फाइनेंस को बेहतर बनाने का फैसला किया है, पर इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि कहां से और कैसे शुरुआत करें?

तो जार में हम आपको 7 ऐसे फाइनेंशियल टिप्स के साथ गाइड करने को तैयार हैं जिन्हें आपको फॉलो करना चाहिए, यदि आप युवा हैं: 

1. अपने पैसे को मैनेज करना सीखें

अपने पैसे को मैनेज करना कोई रॉकेट साइंस नहीं है और आपको इसमें एक्सपर्ट होने की भी आवश्यकता नहीं है। बस ज़रूरत है तो डेडिकेशन की।

बेशक, पहला स्टेप बचत शुरू करना है। बचत खाता बनाएं। यह फाइनेंशियल आज़ादी पाने की ओर एक बड़ा कदम है।

फाइनेंशियल लक्ष्य बनाएं और उन्हें हासिल करने के तरीके तलाशें। यदि अभी आपके पास कोई बड़ा लक्ष्य नहीं है, तो एक इमरजेंसी फंड बनाएं और उसमें पैसा डालना शुरू करें। आपको भी नहीं पता होता है कि आपको इसकी आवश्यकता कब पड़ सकती है।

जैसे ही आपकी सैलरी मिले, इसे विभिन्न खर्चों में बांट लें और इसका कम से कम 10% बचत के रूप में अलग रख दें।

आप इसका एक बड़ा हिस्सा भी बचा सकते हैं; यह जितना बड़ा होगा उतना अच्छा। लेकिन आपके बैंक खाते में नहीं, यहां आपको इसका कोई रिटर्न नहीं मिलेगा, बल्कि कुछ लिक्विड इंवेस्टमेंट जैसे डिजिटल गोल्ड, म्यूचुअल फंड, एफडी, आदि में डालें। अपनी बचत को इनमें से किसी एक इंस्ट्रूमेंट में लंबी अवधि के लिए इंवेस्ट करें और कंपाउंडिंग का जादू देखें। 

आपको एक बजट बनाना चाहिए और अपने खर्च और बचत का हिसाब रखना चाहिए। हर एक खर्च को नोट कर लें और इसे एक आदत बना लें।

अपने पैसे का मैनेजमेंट करना पहली बार तो कठिन लगता है, लेकिन जितनी जल्दी आप अपने फाइनेंस को ऑर्गनाइज़ करना शुरू करेंगे, आपका भविष्य उतना ही बेहतर होगा।

2. अपना इंवेस्टमेंट पोर्टफोलियो बनाना शुरू करें

आपका भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि आप अपने बचाए गए या अतिरिक्त पैसे का उपयोग कैसे करते हैं। यह पैसा आपको फाइनेंशियली इंडेपेंडेंट बना सकता है।

अपने पैसे को इंवेस्ट करना अतिरिक्त फंड या बचत को चैनल करने और इन्फ्लेशन से लड़ने का एक बेहतरीन तरीका है।

आप जितनी जल्दी इंवेस्ट करना शुरू करेंगें, उतना अच्छा है। और हां, आप जो हैं और जो भी बनना चाहते हैं, इंवेस्टमेंट इसके बीच एक ब्रिज बन सकता है। 

इसलिए छोटी उम्र से ही अपना पहला इंवेस्टमेंट पोर्टफोलियो बनाना अपने आप में बहुत बड़ी बात है। आखिरकार, यह आपका पैसा जोड़ने के लिए उठाया पहला स्टेप जो है।

पोर्टफोलियो बनाने का मतलब अपने इंवेस्टमेंट को इक्विटी, डेब्ट और कैश जैसे एसेट क्लास के बीच बांटना है। इसे एसेट एलोकेशन कहा जाता है।

सामान्य तौर पर, आपका इंवेस्टमेंट होराइजन लगभग 0-15 वर्ष होना चाहिए। एक बार आपका पोर्टफोलियो बन जाने के बाद, आपको बाज़ार में उतार-चढ़ाव और उतार-चढ़ाव की भविष्यवाणी करने से बचकर, पोर्टफोलियो को रिस्क से दूर रखने के लिए हर 6 महीने में फिर से रीविजिट और रीबैलेंस करना होगा।

महंगाई की वजह से हर साल सब कुछ महंगा होता जाएगा। यदि आप इंवेस्टमेंट नहीं करते हैं तो आप इन्फ्लेशन के गैप को भरने में अपना पैसा खर्च कर देंगे। यदि ऐसा नहीं होगा, तो शायद आप अपनी इच्छानुसार रिटायरमेंट भी नहीं ले सकेंगे।

अपनी जोखिम उठाने की क्षमता निर्धारित करें और अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप एक इंस्ट्रूमेंट में इंवेस्टमेंट करें।

3. अनावश्यक खर्चों में कटौती

एक बार जब आप अपने बजट को सहेजना और बनाए रखना शुरू कर देते हैं, तो आपको पता होगा कि आपके पास क्या है और आप पर क्या बकाया है।

अपने खर्चों को फिक्स या वेरिएबल, ज़रूरतों या चाहतों, इनएविटेबल या अवोईडबल में बांटें। इस तरह, आपके पास पूरी लिस्ट होगी। एक क्रम बनाएं और उन्हें प्रिऑरिटआइज़ करें ।

आपको यह पता होना चाहिए कि आपके रिसोर्सेज़ सीमित हैं लेकिन आपकी इच्छाएं असीमित हैं। ऐसे में आपको बैलेंस बनाए रखना बेहद ज़रुरी है।

जितनी जल्दी आप इसे समझ लेंगे, उतना ही बेहतर होगा ताकि आप आने वाले अवोईडबल खर्चों को कंट्रोल कर सकें।

बोनस टिप्स: यदि आपने पहले कभी खाना नहीं बनाया है तो आपको खाना बनाना सीखना चाहिए। आप बहुत सारा पैसा बचा सकते हैं यदि आप अपना खाना खुद बनाते हैं जो डिलीशियस और न्यूट्रिशियस भी होता है।

यदि आप अपने घर के अलावा कहीं और रहते हैं तो फ्लैटमेट्स के साथ रहें। यह बहुत सारे खर्चों को बांट लेगा।

तब तक कार न खरीदें, जब तक आप ऐसे शहर में नहीं रहते जहां इसकी बहुत ज़्यादा ज़रुरत है। टू- व्हीलर से यात्रा करें या आने-जाने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट लें।

4. क़र्ज़ से निपटना सीखें

क्या आप जानते हैं कि क़र्ज़ का सबसे महंगा रूप क्रेडिट कार्ड है? बार-बार यूज़ करते जाएं और इससे पहले कि आपको इसका पता चले आप फाइनेंशियल जाल में फंस चुके होंगे।

अपने क्रेडिट कार्ड का उपयोग केवल आपात स्थिति में ही करें।

आप बहुत सारे फाइनेंशियल लक्ष्यों के बारे में सोच सकते हैं। जैसे कार या लेटेस्ट स्मार्टफोन या उच्च शिक्षा। इन सभी मामलों में आपको पैसे की ज़रूरत पड़ती है।

लेकिन यह कहां से आने वाला है? नहीं, क़र्ज़ नहीं, बचत करना ही इसका सही तरीका है!

आप अपने क़र्ज़ के पेमेंट की अच्छी स्ट्रैटेजी बनाकर बड़े क़र्ज़ के जाल में पड़ने से बच सकते हैं। आपको बस यह पता होना चाहिए कि आप पर किसका कितना क़र्ज़ है।

उन्हें पेमेंट करने के लिए अपना समय तय करें। यदि आपके ऊपर बहुत अधिक क़र्ज़ है, तो सबसे पहले सबसे महंगा क़र्ज़ चुकाना शुरू करें।

क़र्ज़ को हमेशा अपना आखिरी ऑप्शन मानें। जितना हो सके खरीदारी के लिए डाउन पेमेंट करें। इसके अलावा, आपको पर्सनल लोन जैसे टैक्स-एफ्फिशिएंट लोन से बचना चाहिए।

आप अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए बचत करने और एक कोर्पस बनाने के बारे में सोच सकते हैं। जिससे क़र्ज़ में फंसने से बचा जा सके।

5. एक मार्केटेबल स्किल बनाएं 

अपने पैसे का क्या करें, इस बारे में चिंता करने से पहले आपको कुछ कमाना होगा। है ना?

जब हम स्किल की बात करते हैं,तो हम एक बड़ा विज़न बना रहे होते हैं। हम सिर्फ एक काम पर नहीं बल्कि आपके पूरे करियर को ध्यान में रख यह सोच रहे हैं।

तो चलिए इसे मान लीजिए कि आपकी पहली नौकरी आपकी आखिरी नौकरी नहीं है और आप शायद इसको एंजॉय भी नहीं करेंगे। फिर भी, आपको अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहिए।

यदि आप आधुनिक समय के ट्रेंड्स को समझकर आवश्यक एबिलिटीज प्राप्त करते हैं, तो दुनिया सच में आपकी मुठ्टी में होगी।

यदि आप अपने रिज्यूमे में कई तरह के स्किल जोड़ते हैं तो आपकी संभावित कमाई में बढ़ोतरी होगी और आप अधिक एम्प्लॉयबल बनेंगे।

एक एम्प्लॉयर के सामने आप जितने अधिक मार्केटेबल स्किल लाएंगे, अन्य उम्मीदवारों के मुकाबले आपका फ़ायदा उतना ही बेहतर होगा, इंडस्ट्री में आपकी वैल्यू उतनी ही अधिक होगी, और आपकी सैलरी या सैलरी पर चर्चा करते समय आपके पास उतनी ही अधिक नेगोशिएटिंग पावर होगी। 

6. नेगोशिएट करना सीखें

एक मार्केटेबल स्किल प्राप्त करने के बाद, अब आपको नेगोशिएशन के महत्व को सीखना चाहिए।

एक Salary.com सर्वे ने इंडीकेट किया है कि केवल 37% लोग हमेशा सैलरी पर चर्चा करते हैं - जबकि अविश्वसनीय रूप से 18% लोग कभी नहीं।

इससे भी ख़राब, उनके प्रदर्शन की रिव्यु में, 44% ने इंडीकेट किया है कि उन्होंने इस विषय को भी नहीं उठाया।

अधिक न मांगने का मुख्य कारण? डर।

हम इसे समझ सकते हैं: सैलरी नेगोशिएशन डरावना हो सकता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे अधिक डरावना क्या है? यह नहीं करना।

इसलिए चाहे आप पुरुष हों या महिला, अपनी पहली या पांचवीं नौकरी में, यह सीखने का समय है कि नेगोशिएट कैसे किया जाता है।

7. अपने शॉपिंग इम्पुल्सेस को कंट्रोल करें

एक स्मार्ट ख़रीदार एक डील सीकर से ज़्यादा कुछ नहीं है। एक बार जब आप किसी डील को तलाशने की तकनीक में माहिर हो जाते हैं, तो आपको एक स्मार्ट ख़रीदार ग़ैर बनना होगा और यह तय करना होगा कि आप किसी चीज को खरीदने से पहले उसे चाहते हैं या नहीं।

आपको इम्पुल्स में सामान नहीं खरीदना चाहिए। कुछ भी ग़ैर-ज़रूरी खरीदने से पहले 24 घंटे तक प्रतीक्षा करें। इस बारे में सोचें कि क्या आपको वास्तव में इसकी आवश्यकता है और आप इसका यूज़ करेंगे।

भोजन, कपड़े, साज-सज्जा आदि हर चीज पर अच्छी डील तलाशने की कोशिश करें। यदि आप किसी डील की तलाश करते हैं तो आप अपने जीवन में बहुत सारा पैसा बचा सकते हैं।

ख़रीदारी करने से पहले आपको एक प्लान बना कर ख़रीदारी करनी चाहिए। यह पैसे बचाने के सबसे आसान तरीकों में से एक है। एक लिस्ट बनाएं और उसे फॉलो करें।

यह एक साधारण आदत है जो हर ख़रीदारी से पहले कुछ मिनट ही लेती है।

एक सटीक लिस्ट बना कर, आप अपने इम्पुल्स खर्चों को हटा कर समय और पैसा दोनों बचा सकते हैं।

अंत में, हम आपको महत्वपूर्ण पैसो से जुड़े फैसले लेने से पहले किसी एक्सपर्ट से परामर्श करने की सलाह देंगे।

अपने पैसे को मैनेज करना कोई बड़ा काम नहीं है यदि आप इसे अपनी आदत बना लेते हैं। इस आदत को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।

अपनी बचत और इंवेस्टमेंट जर्नी को किकस्टार्ट करने और अपना एसेट बढ़ाने के लिए ऊपर दिए गए टिप्स को फॉलो करें। अपनी कम उम्र का लाभ उठाएं और खुद को एक एसेट बनाएं। 

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